September 6, 2026

कविता

अदाएँ तुम बना लेना…

अदाएँ तुम बना लेना इशारे मैं बनाऊँगा तुम्हारे फूल-जज़्बों को शरारे मैं बनाऊँगा तुम्हारा साथ शामिल है तो फिर तुम...

जनकवि कोदूराम “दलित” की हिन्दी कविता :

(आजादी के तुरंत बाद की रचना) कवित्त (1) श्रम का सूरज उगा, बीती विकराल रात, भागा घोर तम, भोर हो...

दाऊ रामचन्द्र देशमुख कृत चंदैनी-गोंदा के सह-संगीत निर्देशक “श्री गिरिजा कुमार सिन्हा” की आठवीं पुण्यतिथि पर स्मरणांजलि

मोर संग चलव रे, वा रे मोर पँड़की मैना, धनी बिना जग लागे सुन्ना, चौरा मा गोंदा रसिया, बखरी के...