देख सजनी देख ऊपर
देख सजनी देख ऊपर।। इंजनों सी दड़दड़ाती, बम सरीखी धड़धड़ाती रेल जैसी जड़बड़ाती, फुलझड़ी सी तड़तड़ाती।। पंछियों सी फड़फड़ाती,पल्लवों को...
देख सजनी देख ऊपर।। इंजनों सी दड़दड़ाती, बम सरीखी धड़धड़ाती रेल जैसी जड़बड़ाती, फुलझड़ी सी तड़तड़ाती।। पंछियों सी फड़फड़ाती,पल्लवों को...
सांस-सांस समर्पित, मेरे प्राण समर्पित । है निवेदन ! करो स्वीकार रक्त का कण -कण । न झुकने दूंगा भाल,...
काले -काले बादल, दूर देश से आते हैं । पानी खूब बरसाते हैं ।। चम-चम बिजली चमके, मेंढ़क टर्रा के...
मुश्किल कहां सबकुछ आसान तो है, दुनियाँ में हर समस्या का समाधान तो है, ढूँढोगे तो हल मिलेगा,सब आसान तो...
यह समय नहीं आरोपों का, गलती पर उठते कोपों का। उत्तर देना है तनी हुई, दुश्मन की शातिर तोपों का।।...
जीवनदायी सुखदायी धरा के आभूषण वृक्ष । प्राणवायु देते जीवनदायी धरा के आभूषण वृक्ष । फल-फूल देते जीवनदायी धरा के...
खेतों में, खलियानों में, सावन को बरसते देखा है । झर-झर झरती बूंदें मोती जैसी पेडों के पत्तों पर चमकती...
आज अचानक हमें अचम्भित, सुबह-सुबह कर गयी सँवरकी। कफ़ ने जकड़ी ऐसे छाती, खाँस-खाँस मर गयी सँवरकी। जूठन धो-धोकर,खुद्दारी, बच्चे...
**जब आदमी खुद को बेताज बादशाह समझे आप कुछ भी बयां करें,भूल ही तो है*। **सुनना नहीं चाहता जमीं से...
विधा -विचार कविता परिचय - ज्ञानीचोर मु.पो. रघुनाथगढ़, सीकर राज. पिन - 332027 मो. 9001321438 वक्त की उलझनें करती है...