October 22, 2026

कविता

लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की कविताएँ

मृत्यु जब मेरे सिरहाने खड़ी होगी... जब किसी दिन मृत्यु मेरे सिरहाने खड़ी होगी मुझे वास्तव में डरा रही होगी...

कोरोना रूपी ये अंधियारा शीघ्र भाग ही जायेगा

चारों ओर सन्नाटा पसरा और अंधियारी छाई है, क्रूर कोरोना ने मेरे भैया अपनी धूम मचाई है । और उग्र...

नववर्ष में समस्त प्रबुद्ध जनों को सप्रेम भेंट

आओ हम सब नव वर्ष का स्वागत करते हैं। बीत गया वो साल पुराना जिसमे थी अंधियारी । कोहराम मचा...

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