April 24, 2026

आलेख

महतारी भाषा बर मस्तुरिया जी के विचार, “मिटत न हिय को सूल” – श्री लक्ष्मण मस्तुरिया

संसार भर मे बुनियादी शुरूआती पढ़ाई पहली पांत (कक्षा) ले सुरु होथे। पहली कक्षा के पढ़ाई अपन माइभासा ले पढ़ाये...

डॉ. रामविलास शर्मा की किताब निराला…

डॉ. रामविलास शर्मा की किताब निराला की साहित्य साधना की आरम्भिक पंक्तियां हैं - कबीर का फक्कड़पन, तुलसी का लोक...

बशीर बद्र सर को ख़ुदा दिखाई देते होंगे…

विख्यात शायर बशीर बद्र बीमार हैं, यह पता था. बीच में उनके निधन की झूठी खबर फैली थी, वास्तव में...

मैं एक बूँद हासिल नहीं कर पाया

* विष्णु नागर ● ठीक-ठाक लेखक बनने का मतलब --------------------------------------------- "न मै अपने आपको इतनी अच्छी तरह जानता हूँ (आध्यात्मिक...

अबूझ पहेली को बूझता व्यंग्य उपन्यास

विश्वेन्द्र ठाकुर के उपन्यास ‘किस्सा बहराम चोट्टे का’ के बारे में सुना करते थे. हमारे पुरोधा साहित्यकार हरि ठाकुर ने...

“छत्तीसगढ़ में क्रांतिकारी परिवर्तन के वास्तविक सूत्रधार : दाऊ रामचंद्र देशमुख”

(आज जन्म-जयंती पर विशेष) किसी भी अंचल की पहचान वहाँ की संस्कृति, परम्परा, जीवन-शैली और वहाँ का साहित्य होता है।...

आज जयंती म विशेष… चंदैनी गोंदा के सर्जक: दाऊ रामचंद्र देशमुख

हमर छत्तीसगढ के लोक संस्कृति ह अब्बड़ समृद्ध हे. इहां के नाचा, रहस,पंडवानी, पंथी नृत्य, भरथरी, लोरिक चंदा,कर्मा,सुवा,ददरिया, रिलो नृत्य...

साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कृति – दीवार में एक खिड़की रहती थी

विनोद कुमार शुक्ल दीवार में एक खिड़की रहती थी। खिड़की जिस दीवार में रहती थी वह एक कमरे की दीवार...