पिछले चार पांच दिनों से पिता उमाकांत मालवीय का लिखा गांधी बुझौवल का यह मुखड़ा याद आ रहा है/
नानी जैसी भरी झुर्रियां पुपला मुंह ज्यों दादी ऐनक आंखों पर , बूझो तो कौन? महात्मा गांधी आज भी दिनभर...
नानी जैसी भरी झुर्रियां पुपला मुंह ज्यों दादी ऐनक आंखों पर , बूझो तो कौन? महात्मा गांधी आज भी दिनभर...
"डॉ. बल्देव : एक जीती-जागती संस्था" बहुत से व्यक्ति किसी विधा-विशेष में दक्ष होते हैं, उन्हें हम उनकी विशेष विधा...
मिथक यानि एक कथा या विश्वास जिस पर किसी समाज या संस्कृति में बहुत समय से प्रचलित कथाएँ होती है।...
भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुसरण से बचेंगी नदियां - नदी मित्र ओम प्रकाश भारती नदियों की ज़मीन हड़पने वालों के...
(आलेख : स्वराज करुण ) हिंदी के शीर्षस्थ व्यंग्यकार लतीफ़ घोंघी जी का आज जन्मदिन है। लोगों को जन्म दिन...
स्व.श्री हेमनाथ यदु जी 🌹सादर नमन जोहार🌹 अपन बेरा के बड़का साहित्यकार अउ गीतकार स्व.श्री हेमनाथ यदु जी जेखर जनम...
संत गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस में लिखा गया, कि "हानि_लाभ, जीवन_मरण, यश_अपयश, विधि हाथ"। निश्चित रूप से उक्त...
शिकार से लौटते हुए मैं बगीचे के मध्य बने रास्ते पर चला जा रहा था, मेरा कुत्ता मुझसे आगे-आगे दौड़ा...
वीरेंद्र यादव हिंदी उपन्यास में दो दृष्टियों का टकराव आमने-सामने रहा है एक दृष्टि भारतीय समाज के संश्लिष्ट यथार्थ से...
आज के दिन को मैंने कई बार अपने भीतर दोहराया। साहित्य अकादमी और बिहार सरकार के संयुक्त आयोजन 'उन्मेष 2025'...