April 24, 2026

आलेख

चम्बल की घाटी में : मुक्तिबोध

मुक्तिबोध की कविताएं गहन रूपकात्मकता में आधुनिक मनुष्य के अंतर्द्वंद्व,उसकी पीड़ा, संघर्ष को प्रकट करती हैं।उनके यहां वैचारिक अंतर्द्वंद्व अत्यधिक...

पुरस्कारों की सूचना

हिंदी साहित्य एवम व्यंग्य संस्थान रायपुर, छत्तीसगढ़ “हिंदी व्यंग्य के लिए राष्ट्रीय स्तर”के निम्न पुरस्कार हेतु अनुशंसाएँ आमंत्रित करता है...

चम्बल की घाटी में : मुक्तिबोध

मुक्तिबोध की कविताएं गहन रूपकात्मकता में आधुनिक मनुष्य के अंतर्द्वंद्व,उसकी पीड़ा, संघर्ष को प्रकट करती हैं।उनके यहां वैचारिक अंतर्द्वंद्व अत्यधिक...

असली एंकर, नमक का दारोगा-पार्ट टू

आलोक पुराणिक बहुत बड़े कहानीकार, उपन्यास लेखक प्रेमचंद की एक क्लासिक कहानी है-नमक का दारोगा, इसमें एक ईमानदार दारोगा वंशीधर...

रामविलास शर्मा का लोकपक्ष : विष्णुचन्द्र शर्मा

डॉ रामविलास शर्मा हिंदी आलोचना के श्रेष्ठ मार्क्सवादी-लोकवादी आलोचक हैं।'लोक' की चिंता और उसका जागरण उनकी आलोचना का केंद्रीय ध्येय...

सदाबहार गीतकार याने श्री नारायण लाल परमार

【27अप्रैल नारायण लाल परमार जी की पुण्यतिथि पर विशेष आलेख】 - डॉ . बल्देव अपने भीतर एवं निहायती देहाती किस्म...