बगैर कुरसी का कमरा…
संजय शेखर हमारे आसपास कितने महत्वपूर्ण लोग रहते हैं, हम निन्यानबे प्रतिशत लोग इससे बेख़बर होते हैं। दरअसल ज़िन्दगी की...
संजय शेखर हमारे आसपास कितने महत्वपूर्ण लोग रहते हैं, हम निन्यानबे प्रतिशत लोग इससे बेख़बर होते हैं। दरअसल ज़िन्दगी की...
बस्तर को हमने बहुत लंबे समय तक एक ही नजर से देखा—संघर्ष, नक्सल, बंदूक और असुरक्षा की नजर से। इतनी...
डकैतों और अपराधियों के एनकाउंटर की कहानियां तो आपने बहुत सुनी होंगी लेकिन क्या आपको पता है मध्यप्रदेश में एक...
भारतीय भाषा परिषद कोलकाता द्वारा इस वर्ष हिंदी के वरिष्ठ कवि श्री नरेश सक्सेना को हिंदी कर्तृत्व समग्र सम्मान तथा...
नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़: सरेंडर, सियासत और विकास की असली परीक्षा अब शुरू ---------------------- - सरेंडर के बाद भी माओवादी विचारधारा जिंदा...
आज विश्व रंगमंच दिवस है. जेहन में एक बार फिर चंदैनी-गोंदा की स्मृतियाँ ताजा हो गईं। सत्तर के दशक की...
महासमुंद जिले के सिरपुर से लगभग पंद्रह किलोमीटर आगे घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच सिंहाधुर्वा पहाड़ी स्थित है। इस...
- डुमन लाल ध्रुव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक परंपरा में अनेक कवि और गीतकार हुए हैं जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम...
**** लगभग 49 साल पहले के आरंग की हिन्दी और छत्तीसगढ़ी कविताएँ *** (आलेख स्वराज करुण ) *** छत्तीसगढ़ में...
(आलेख स्वराज करुण ) छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य के लिए सुशील यदु भी आजीवन समर्पित रहे। उन्होंने अपने साहित्यिक मित्रों...