October 22, 2026

आलेख

कागज़ के फूल : आँसू के सिवा कुछ पास नही

एक रचनात्मक व्यक्तित्व की विडम्बना बहुधा सांसारिक व्यावहारिकताओं से सामंजस्य न बिठा पाने की होती है।वह बहुत से मामलों में...

छत्तीसगढ़ी लोकगाथाओं का दुर्लभ संग्रहण

विगत दिनों खैरागढ़ में गंडई-पंडरिया के लोक भाषा विद डॉ. पीसीलाल यादव से भेंट हुई. उन्होंने अपने द्वारा सम्पादित ‘छत्तीसगढ़ी...

महाकवि कालिदास का रोचक विवाह प्रसंग

-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर देश, समाज, में विद्वान् का पुरातन काल से सम्मान होता आया है। कहा भी है...

“छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कवि, गीतकार, गजलकार श्री मुकुंद कौशल को स्मरणांजलि”

दुर्ग जिला हिन्दी साहित्य समिति, वीणापाणि साहित्य समिति,हल्क़-ए-अदब और ज्येष्ठ नागरिक संघ के संयुक्त तत्वाधान में 18 जुलाई को आशीर्वाद...

फ़िल्म ‘मंथन’ : श्याम बेनेगल (1976)

सहकारिता समाजवाद का गोमुख है। एक समतावादी समाज का निर्माण उसके सदस्यों के पारस्परिक सहयोग और भाईचारा से ही सम्भव...

स्त्री देह ही उसकी यातना की जमीन है

स्त्री देह ही उसकी यातना की जमीन है "देह ही देश" गरिमा श्रीवास्तव की क्रोएशिया प्रवास डायरी को पढ़ना अपने आप...

बावा मंडी (बावा देवता) : दियाबार भोरमदेव

भोरमदेव क्षेत्र में फणि नागवंशी कालीन अवशेष बिखरे पड़े हैं,कई टीले उत्खनन की बाट जोह रहे हैं, मगर समुचित प्रबंधन...

जयंती : छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नद्रष्टा डॉ खूबचंद बघेल

पियूष कुमार छत्तीसगढ़ राज्य की प्रथम संकल्पना और उसे कार्यरूप देने का आरंभिक प्रयास डॉ खूबचंद बघेल जी ने किया...

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