कविता साहित्य बतर्ज फिल्म दीवार.. Chhattisgarh Mitra April 6, 2024 0 एक धंधेबाज नकली कवि ने असली कवि से कहा.. मेरे पास बड़े बड़े मंच हैं हजारों की भीड़़ है.. भीड़़ की तालियां हैं.. मोटे मोटे लिफाफे हैं.. टीवी चैनल हैं.. दौलत है, शोहरत है.. तुम्हारे पास क्या है..! असली कवि ने कहा.. ” मेरे पास कविता है.. !! ” ( लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ) Post Navigation Previous ओळूंNext १९५६ का हिंदी कहानी साहित्य More Stories आलेख साहित्य सुरता : : ललित पटेल के ( अंचल के साहित्यकारों में ललित पटेल का स्थान महत्वपूर्ण) Chhattisgarh Mitra April 1, 2025 0 आलेख साहित्य “भिलाई की कवयित्री, गायिका, लेखिका, रंगकर्मी श्रीमती संतोष झाँझी जी को जन्म दिन की अशेष शुभकामनाएँ Chhattisgarh Mitra April 1, 2025 0 आलेख साहित्य पुरुषोत्तम अग्रवाल को नामवरसिंह सम्मान Chhattisgarh Mitra March 23, 2025 0 Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.