March 11, 2026

Chhattisgarh Mitra

भाग 71- अनाम आत्मकथा : हमारी कमज़ोरी हम ही दूर करें

राजन ने अनुभव किया है कि दुनिया में आदमी को और कोई इतना परेशान नहीं करता जितना उसकी स्वयं की...

राजाघाट और घोड़ाघाट, सकरी नदी कवर्धा

पुराने जमाने मे राजा-महाराजा से लेकर आम आदमी तक का गुजारा नदी, तालाब में होता था। तदनुरूप घाट बने होते...

अपना सा लगता है घर: अपनेपन के अहसास की कहानियां

वरिष्ठ साहित्यकार सत्यभामा आड़िल छत्तीसगढ़ के साहित्य जगत में चर्चित नाम हैं। कविता, उपन्यास, नाटक, लोकसाहित्य आदि विविध क्षेत्रों में...

मोर पहिली साहित्यिक हवाई यात्रा..

अक्टूबर महीना के लगत ले चम्मास के बादर पानी थोर कमतिया जाए रथे. साहित्यिक सांस्कृतिक कार्यक्रम मन के दिन बादर...

88.5 वे उँगलियों से स्पर्श कर अक्षर चीन्ह लेते थे

अशोक और उनके दृष्टिबाधित मित्रों की दुनिया में वही सब कुछ था जो हमारी दुनिया में था लेकिन उनका रूप...

राजाघाट और घोड़ाघाट, सकरी नदी कवर्धा

पुराने जमाने मे राजा-महाराजा से लेकर आम आदमी तक का गुजारा नदी, तालाब में होता था। तदनुरूप घाट बने होते...

मेघा के बरसे अउ महतारी के परोसे : कहावतों का लोक सन्दर्भ

लोकोक्तियाँ मनुष्य के सामाजिक जीवन के दीर्घकालीन अनुभव के परिणामस्वरूप सृजित होती हैं।इस अनुभव क्षेत्र का दायरा काफी विस्तृत होता...

“दूसर पुण्यतिथि मा विनम्र श्रद्धांजलि”

सुरता - श्री रघुवीर अग्रवाल "पथिक" पथिक जी के जनम जन्म 4 अगस्त 1937 के ग्राम मोहबट्टा मा होइस। इनकर...