April 24, 2026

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जिम्बाब्वे के शीर्ष कवि चेन्जेराई होव की कुछ और कविताएं : गणतंत्र की शक्ति

गणतंत्र की शक्ति बख़्तरबंद गाड़ियों से नहीं मापी जाती न ही बन्दूकों, विषों, या ग़ायब कर दिये जाने से। गणतंत्र...

सौ से ज़्यादा कवियों का यादगार संग्रह; ‘राजनांदगांव 77’

आलेख - स्वराज करुण *** आज से कुछ दशक पहले कवियों में साझा कविता -संग्रह छपवाने का उत्साह हुआ करता...

‘मतलब हिंदू’ जैसे उपन्यास के युवा लेखक अम्बर पांडे द्वारा ‘इंडिया टुडे’ में की गई समीक्षा

समकालीन समाज की सोनोग्राफी अलका सरावगी जितना सुगठित वाक्य लिखती हैं वैसा ही गठन उनके उपन्यास ‘कलकत्ता कॉस्मोपॉलिटन : दिल...

भारत का पक्ष :भारत की कार्य संस्कृति में घातक अत्यधिक अवकाश

विजयमनोहर तिवारी ----------- शोध के केंद्र में भारत हो, इस ध्येय का अर्थ क्या है? क्या केवल भारत का इतिहास,...

स्मृति शेष : डॉ. शंभूदयाल गुरु

इतिहास, अभिलेख और स्मृति के सजग प्रहरी राजेश गाबा। प्रिंस 9893443010 मप्र गजेटियर के पूर्व संचालक, राज्य अभिलेखागार के संस्थापक...

पुस्तकों के संसार में डॉ. परदेशी राम वर्मा

आलेख स्वराज करुण समय -समय पर अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशीराम वर्मा के विगत 50 वर्षों...

एक बहुत पहले लिखी हुई रचना

टपक रहा छप्पर से पानी वह निर्मम बरसात लिखो। लिखो कहानी फिर हल्कू की पूस ठिठुरती रात लिखो। सिसक रही...