October 22, 2026

साहित्य

विशेष लेख : पोला तिहार : ग्रामीण जनजीवन में खुशहाली का प्रतीक

भारतीय संस्कृति में पशु पूजा की परम्परा रही है, इसके प्रमाण सिन्धु सभ्यता में भी मिलते हैं। खेती किसानी में...

मेरी ज़मीन मेरा सफ़र : ज़ज़्बात की शायरी

शायरी की परंपरा बहुत पुरानी है और काफी मथी जा चुकी है।फ़ारसी-उर्दू-हिंदी की यह परम्परा मुसलसल जारी है, और लोकप्रिय...

कहानी : सी.एच.बी. इंटरव्यू

राम विज्ञापन आया है, सहायक प्राध्यापक पद हेतु विकास ने कहा। पद पर्मानेंट है या काॅन्ट्रैक्ट बेसिस पर राम ने...

कहानी : दलाल

विश्वजीत:" कल्याण पढ़ाई महत्वपूर्ण है ज़िंदगी में।" कल्याण:" हां। सही है विश्वजीत तुम्हारा। लेकिन परिस्थिति पढ़ाई करने जैसी नहीं है।...

डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय की कविताएं

सबने फूल -फूल चुन लिए,मैं कांटे उठा लाया। सब फूल झड़ गए,कांटों से कांटे निकालता रहा।। उनकी मुट्ठी में चांद...

लछमनिया का चूल्हा:अस्मिता और अधिकार की चिंता

समकालीन राजनीति और साहित्य में आदिवासी स्वर तीव्रता से उभर कर आया है; जो स्वाभाविक है. एक लंबे समय तक...

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