April 25, 2026

साहित्य

भोरमदेव मंदिर के निर्माता निर्धारण की समस्या

छत्तीसगढ़ के खजुराहो के रूप में प्रसिद्द भोरमदेव का मंदिर अपने स्थापत्य और प्राचीनता के कारण छत्तीसगढ़ के इतिहास में...

गंडई का भाड़ देऊर शिव मन्दिर

भोरमदेव क्षेत्र के फणि नागवंशियों के पुरातात्विक साक्ष्य समीपवर्ती क्षेत्रों में काफी दूर तक फैले हुए हैं। ये साक्ष्य मुख्यतः...

हमें गणतंत्र से आग नहीं, पुष्प की आशा रही है…

हमें गणतंत्र से आग नहीं, पुष्प की आशा रही है, लेकिन एक प्रति-नायक खलनायक इधर खूब चर्चित हुआ है, जिसका...

संगोष्ठी की रिपोर्ट:सुरेशचन्द्र शुक्ल की कहानी ‘लाश के वास्ते’ प्रेमचंद की कफ़न की परंपरा की कहानी है – प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा

नार्वे से डिजिटल संगोष्ठी में प्रवासी साहित्यकार सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक की कहानी 'लाश के वास्ते का पाठ, परिचर्चा और...