‘रंगभूमि’ पढ़ते हुए
'रंगभूमि' प्रेमचन्द का महत्वपूर्ण उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1925 मे हुआ था; और यह तत्कालीन समय के राजनीतिक, सामाजिक यथार्थ...
'रंगभूमि' प्रेमचन्द का महत्वपूर्ण उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1925 मे हुआ था; और यह तत्कालीन समय के राजनीतिक, सामाजिक यथार्थ...
आज मंगलू फिर दारू पीकर घर लौटा। अबकी बार वह दिन में ही पीकर आया था। घर आते ही उसने...
होता है श्रमशील जो धैर्य वृत्ति के साथ। मधुर वचन सम्मान से पकड़े जन का हाथ।। सदा लक्ष्मी की कृपा...
सुशांत सुप्रिय कैसा समय है यह / जब भेड़ियों ने हथिया ली हैं / सारी मशालें / और हम निहत्थे...
ग़ज़ल : 1 जब से बाज़ार हो गई दुनिया तब से बीमार हो गई दुनिया चंद तकनीक बाज़ हाथों में...
मुझे अपने अस्तित्व को सार्थक करना है। हस्ती भले ही हो पल दो पल की किंतु सुमन बनकर अपनी महक...
मेरे हिस्से के डा.बलदेव ***************** डाँ. देवधर महंत सुरभि स्वत : स्वयमेव विकीर्ण हो जाती है ,उसे किसी विज्ञापन या...
दुःख दर्द मान अपमान चोट घाव चीख आहें कविता इसी दुनिया में बनती बिगड़ती है देखता हूँ कितनी बन सकी...
गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास दिनांक 20 / 21 दिसंबर सन 1920 में हुआ था दिसंबर 2020 में गांधीजी...
चंदैनी गोंदा का नाम लेते ही अनेक नाम याद आने लगते हैं। संस्थापक दाऊ रामचंद्र देशमुख, गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिया, रविशंकर...