October 22, 2026

साहित्य

विसंगतियों के कुशल चितेरे थे शरद जोशी

रामस्वरूप दीक्षित हिंदी व्यंग्य को शरद जी के दो बड़े योगदान रहे। पहला यह कि किसी खास विचारधारा से प्रतिबद्धता...

मोहब्बत में इतने सारे सवाल क्यों हैं

मोहब्बत में इतने सारे सवाल क्यों हैं, इसे लेकर जमाने में बवाल क्यों है। शोर वरपा है इश्क के मारों...

अपने दिल को दोनों आलम से उठा सकता हूँ मैं

अपने दिल को दोनों आलम से उठा सकता हूँ मैं क्या समझती हो कि तुमको भी भुला सकता हूँ मैं...

“हाफरी देखलें केन्ता मीठा!”

लेख/निमाई प्रधान'क्षितिज' यह 'लेथा' है। हमारे कोलता समाज का एक महत्त्वपूर्ण व्यंजन। समाज में कोई भी सामूहिक कार्यक्रम हो,एक शिशु...

इस्लामोफोबिया और हिन्दुफोबिया

आरुषि इस्लामोफोबिया और हिन्दुफोबिया दोनों एक दूसरे के पूरक प्रश्न है। इन्हीं में से किसी एक शब्द का दूसरे के...

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