कंकाल हो जाना कला है…
कंकाल हो जाना कला है। जीवन की मृत्युशय्या पर लेटे इच्छामृत्यु का वरदान नहीं मिलता। “अश्वत्थामा हतो हतः” — अर्धवाक्य...
कंकाल हो जाना कला है। जीवन की मृत्युशय्या पर लेटे इच्छामृत्यु का वरदान नहीं मिलता। “अश्वत्थामा हतो हतः” — अर्धवाक्य...
अनिल अग्रवाल बाउजी की दी हुई घड़ी जब भी देखता हूँ, तो उनकी यही बात याद आ जाती है। तब...
-प्रोफेसर संजय द्विवेदी कभी जनांदोलनों से जुड़े रहे, पदम भूषण और पद्मश्री सम्मानों से अलंकृत श्री रामबहादुर राय का समूचा...
शंभूनाथ ऐसा नहीं है कि यूरोपीय लेखक या लैटिन अमेरिका– अफ्रीका के लेखक नोबेल की लालसा में रहते हैं या...
"आपके घर पुताई होते हुए देखकर ही मैं समझ गया था कि इस बार तो बहुत सामान मिलने वाला है...।"...
अभी मोपासा को पढने का अवसर मिला है. गाय-दी-मोपासा फ्रेंच कथाकार हैं और वे निर्विवाद रूप से फ़्रांस के महान...
लेखक - डॉ. विनोद कुमार वर्मा, सुप्रसिद्ध व्याकरणाचार्य व कहानीकार, बिलासपुर पाठकीय प्रतिक्रिया - कुबेर उवत सुरुज के अगोरा सुप्रसिद्ध...
“ ख्वाब सा कुछ “ उपन्यास लेखक – संजय मनहरण सिंह लोकभारती प्रकाशन – २०२४ ( प्रथम संस्करण ) ---------------------------------------------------------------------------------------------------------...
आइसलैंडिक भाषा में एक कहावत है : “हर किसी के पेट में एक किताब होती है।” यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही...
(आज की लघुकथा) मसला थोड़ा टेढ़ा था। फूँक-फूँककर बढ़ना था। ख्याति नाम सम्मान भी उसमें जुड़ना था। धन, साधन, और...