March 6, 2026

साहित्य

कंकाल हो जाना कला है…

कंकाल हो जाना कला है। जीवन की मृत्युशय्या पर लेटे इच्छामृत्यु का वरदान नहीं मिलता। “अश्वत्थामा हतो हतः” — अर्धवाक्य...

‘दिल्ली’ में ‘भारत’ को जीने वाला बौद्धिक योद्धा!

-प्रोफेसर संजय द्विवेदी कभी जनांदोलनों से जुड़े रहे, पदम भूषण और पद्मश्री सम्मानों से अलंकृत श्री रामबहादुर राय का समूचा...

हिंदी में आज तक नोबेल न मिलने के कुछ ठोस कारण

शंभूनाथ ऐसा नहीं है कि यूरोपीय लेखक या लैटिन अमेरिका– अफ्रीका के लेखक नोबेल की लालसा में रहते हैं या...

उवत सुरुज के अगोरा (लघु उपन्यास, भाषा – छत्तीसगढ़ी)

लेखक - डॉ. विनोद कुमार वर्मा, सुप्रसिद्ध व्याकरणाचार्य व कहानीकार, बिलासपुर पाठकीय प्रतिक्रिया - कुबेर उवत सुरुज के अगोरा सुप्रसिद्ध...