सच,आसान नहीं होता एक शादीशुदा आदमी से इश्क़ करना
सच,आसान नहीं होता है एक शादीशुदा आदमी से इश्क़ करना। क्योंकि इश्क़ सिर्फ़ उस आदमी से नहीं होगा, तुम्हें प्यार...
सच,आसान नहीं होता है एक शादीशुदा आदमी से इश्क़ करना। क्योंकि इश्क़ सिर्फ़ उस आदमी से नहीं होगा, तुम्हें प्यार...
स्त्रियों, सहेजना उन पुरुषों को, जिन्होंने प्रेम किया, पर नहीं लिखा अपने साथ, दीवारों पर तुम्हारा नाम, जिन्होंने प्रेम की...
स्मृतिशेष मधु धांधी के सृजन माधुर्य का अभिनंदन ( 21 जून 1951- 3 अप्रैल 1977 ) फेर परगे संगी अकाल...
जब तक उस कोठरी नुमा कमरे में , जिसे आयोजक ग्रीन रूम कह रहे थे , चाय का तीसरा कप...
प्रतिभाशील स्त्रियों ने स्वयं को निपुण किया चौसठ कलाओं में, उनका प्रबंधन श्रेष्ठ था इतना कि कार्यालय में डाटा एनालिसिस...
चादर ओढ़े धूप को चिंदी-चिंदी आग। मौसम फूंफूं कर रहा, जैसे काला नाग॥ चिरई-चुनमुन लापता, मौसम की अंधेर। लगी सुलगने...
लौट आओ आँसुओं वापस आँखों में अब समंदर में भी और जगह नहीं है खारेपन के लिये पहाड़ों ने भी...
(1) मत्त सवैया - मँय छत्तीसगढ़ के बेटा अंव मोर रग-रग मा संगीत बसे, मँय हरमुनियम के लहरा अंव मँय...
मैंने कब कहा कोई मेरे साथ चले चाहा जरुर! अक्सर दरख़्तों के लिए जूते सिलवा लाया और उनके पास खड़ा...
"खुमान-संगीत" यह शीर्षक ठीक वैसा ही है जैसे रवींद्र-संगीत। यह बात और है कि बंगाल ने रवींद्र-संगीत को मान्यता प्रदान...