July 24, 2026

साहित्य

“नवा सुरुज फेर आही रे…….”

लक्ष्मण मस्तुरिया एक अइसन नाम हे जिनला छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत के युग-पुरुष कहे जाए तो कोनो अतिशयोक्ति नइ होही।...

छत्तीसगढ़ म बसदेवा गीत…

छत्तीसगढ़ के धनहा-डोली मन म अन्नपूर्णा दाई सोनहा रूप धरे जइसे-जइसे लहराए लगथे किसान मन के मन नाचे अउ झूमे...

हँस रहा विध्वंस का विक्रांत है

हैं चरण,पर आचरण तो भ्रांत है, घोषणा उसकी, कि वह संभ्रांत है। धर्म का परिदृश्य, क्यों ऐसा हुआ! रक्त रंजित...

देवारी मँ बारबो माटी के दीया

विधा- सम मात्रिक छंद विधान- चार पद,प्रत्येक पद 16-16 मात्राएँ, युगल पद तुकांत, पदांत ऽऽ विकल्प ऽ।।,।।ऽ या ।।।। मान्य,...