October 22, 2026

साहित्य

शिवरीनारायण मंदिर छत्तीसगढ़ एवं सवर, सवरा जनजाति(१-७-२४)

कुछ दिनों पूर्व अपने गृह ग्राम बागबहारा (छत्तीसगढ़) में था, वहाँ से लगभग ९० किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध तीर्थ...

तुम हो तो दुनिया कितनी हरी भरी है मेरे बच्चे…

तुम्हारी दौड़ अलकनंदा की तरह है मेरे बच्चे! तुम्हारी चाल गंगा की तरह है मेरे बच्चे! तुमसे मिला सुख महानदी...

डाॅ. नरेंद्र देव वर्मा कृत एक विशिष्ट उपन्यास “सुबह की तलाश”

डाॅ. नरेंद्र देव वर्मा कृत "सुबह की तलाश" एक विशिष्ट उपन्यास है जिस पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई । छत्तीसगढ़ी...

सिंघनपुर – मिरौनी बैराज पिकनिक स्पॉट –

प्रायः देखा जाता है लोगों का कौतूहल नदी,झरनों,धार्मिक स्थल, जंगल अथवा पहाड़ी क्षेत्रों में किसी विशेष अवसर पर देखने को...

आश्चर्य की वर्तनी में छुओ मुझे

देह से देह विलग हो तो भी कामना जुड़ी रहे ज्यों कोई सलोना सयुंक्ताक्षर हर नवेली कोशिका को फिर फिर...

यशस्वी गीतकार कवि दादा श्री नारायण लाल परमार …

हमारे शरीर में आंखें होती हैं ठीक उसी तरह जिस तरह किसी मकान में खिड़‌कियां होती हैं अर्थात खिड़‌कियां किसी...

क्यूँ ही देखी भाली दुनिया

क्यूँ ही देखी भाली दुनिया है कितनी जंजाली दुनिया बेसुध सा कर के रखती है ख़ुसरो की क़व्वाली दुनिया अपना...

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