अन्तःकरण का आयतन : मुक्तिबोध
मनुष्य का अन्तःकरण उसे उचित-अनुचित के निर्णय लेने का विवेक प्रदान करता है। मुक्तिबोध अपने साहित्य में बहुत से नए...
मनुष्य का अन्तःकरण उसे उचित-अनुचित के निर्णय लेने का विवेक प्रदान करता है। मुक्तिबोध अपने साहित्य में बहुत से नए...
- के० पी० अनमोल हिंदी भावधारा की ग़ज़लों के रचनाकार निरंतर अपनी विधा को समृद्ध करते जा रहे हैं। ख़ूब...
भारत मे ब्रिटिश साम्राज्य का अधिपत्य होना इसके 'भाग्य' के लिए उचित नहीं कहा जा सकता। साम्राज्यवाद चाहे जो भी...
चमकीला मेरे जेहन पर वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पायी जैसा मैंने सोचा था या उम्मीद की थी। शायद इम्तियाज़ अली...
हृदय का खिलना गुलाब खिलने से कहां कम है ! और, मित्र का मिलना क्या हृदय खिलने की क्रिया का...
शहर के उस ओर खंडहर की तरफ़ परित्यक्त सूनी बावड़ी के भीतरी ठण्डे अंधेरे में बसी गहराइयाँ जल की... सीढ़ियाँ...
डाँ.बलदेव लइकन मन ल सुन्दर संस्कार देहे अउ सिक्छीत करे बर सिसुगीत अउ बालगीत सबले सरल अउ आसान साधन आय।...
होलिका दहन के उपरांत काफी थके होने के कारण घोड़ा बेचकर गहरी नींद में सो गया था। तभी रोना- गाना...
मेरे लिये कमीज के बटन का टूटना भी कविता का विषय है टूटते नक्षत्रों को नहीं कर सकता अनदेखा ये...
डॉ रामविलास शर्मा और नामवर सिंह जी हिंदी की प्रगतिशील आलोचना की उपलब्धि हैं। रामविलास जी उम्र में नामवर जी...