March 8, 2026

साहित्य

छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी से अब पर्यटकों को मिलेगा प्रकृति का प्यार

छत्तीसगढ़ के उत्तरी छोर पर स्थित सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा पर्यटन के लिहाज से अविश्वसनीय स्थान है। स्थानीय स्तर पर...

दाऊ रामचन्द्र देशमुख: कुछ अनछुए आत्मीय प्रसंग

आम तौर पर किसी रचनाकार या सृजनशील व्यक्ति के बारे में जब सोचा जाता है तब यह मान लिया जाता...

भूपेन हज़ारिका याद हैं? जिन्होंने हुंकार लगाई थी

रुचिर गर्ग " ओ गंगा तुम ओ गंगा बहती हो क्यूं ? " पूरा सुनिए, फिर से सुनिए,फिर फिर सुनिए।...

सुरता चंदैनी गोंदा – 1, “दाऊ रामचंद्र देशमुख के चंदैनी-गोंदा की कथावस्तु”

(पोस्ट काफी लंबी है, इच्छुक पाठक कृपया फुरसत से और इत्मीनान से पढ़िए) उद्घोषक - मूल कार्यक्रम प्रारंभ करने के...

आलोचक राजेश्वर सक्सेना और हमारा समय

प्रगतिशील आलोचना हमेशा अपने समय के संकटो,चुनौतियों का सामना करती रही है। स्वतंत्रता पूर्व उसने सामन्तवादी-पूंजीवादी मूल्यों के साथ-साथ साम्राज्यवाद...

अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य परिषद की यादगार काव्य संध्या

साहित्य - कला- संस्कृति ♦ फोटो एवं प्रस्तुति : सिद्धेश्वर °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° "दिल का बोझ न बढ़ जाए,हम अरमान कम रखते...

वरिष्ठ कथाकार आशा प्रभात का नया उपन्यास उर्मिला (राजकमल प्रकाशन) पढ़ गई. क्या कहूँ …

बस मुग्ध हूँ, नम हैं आँखें… लेखन पर मुग्ध और उर्मिला की पीड़ा के सटीक बयान पर नम हैं आँखें....