लघुकथा : वक्त की मांग
डोली शाह आज लंबे अरसे बाद मैंने रोहित को फोन किया।। इधर उधर की कुछ बातें कर मैंने ही पूछ...
डोली शाह आज लंबे अरसे बाद मैंने रोहित को फोन किया।। इधर उधर की कुछ बातें कर मैंने ही पूछ...
कहता है जब कोई, तुम्हें गुस्सा क्यों नहीं आता तुमसे न क्यों नहीं बोला जाता क्यों सबको अच्छा समझती हो...
बहुत खुश थे श्यामलाल जी आज . उनके जीवन का सबसे बडा सपना पुरा जो हुआ था. स्कुल से आते...
मृदुला गर्ग की कहानियों में परिवार कई रूपों में प्रकट होता है । जहाँ कई कहानियों में हम उसे सिर्फ़...
सुभाष दीपक बारिश हो रही थी। जनवरी माह की ठंड भी अपने जोर पर थी। बरामदे में टहल रही मिसेज...
कक्षा आठवीं में हिंदी के अध्यापक ने "आरूणि की गुरुभक्ति" वाला पाठ पढ़ाया। अध्यापक के पूछने पर पूरी कक्षा ने...
अनामिका प्रिया दो साल अपने नाना के घर रहने के बाद पिछले महीने टुकटुक घर लौट आई है। छोटे भाई...
"आशा, मुझे बच्चों को बहुत पढ़ाना हैं, क्योंकि उनकी हालत अपने जैसी कभी न हो।" विजय ने पत्नी से कहा।...
तपेश भौमिक घर पर जबसे नई बहू अनन्या आई है, आस-पड़ोस में उसकी तूती बोलने लगी है जब कि अपने...
लड़की बिछड़ने के दस साल बाद लड़के के शहर में आई है ! जब दोनों साथ थे तब कहा करते...