April 24, 2026

कविता

बसंत पंचमी स्व. कौशल प्रसाद दुबे जी की 10 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर विशेष

भावभीनी श्रद्धांजलि (1) सरस्वती वंद‌ना **** स्व.कौशल प्रसाद दुबे होने दो अहुग्रह का पावस झर झर तमाच्छादित मानस को ज्योतिर्मय...

तुम हो तो दुनिया कितनी हरी भरी है मेरे बच्चे…

तुम्हारी दौड़ अलकनंदा की तरह है मेरे बच्चे! तुम्हारी चाल गंगा की तरह है मेरे बच्चे! तुमसे मिला सुख महानदी...

आश्चर्य की वर्तनी में छुओ मुझे

देह से देह विलग हो तो भी कामना जुड़ी रहे ज्यों कोई सलोना सयुंक्ताक्षर हर नवेली कोशिका को फिर फिर...

यशस्वी गीतकार कवि दादा श्री नारायण लाल परमार …

हमारे शरीर में आंखें होती हैं ठीक उसी तरह जिस तरह किसी मकान में खिड़‌कियां होती हैं अर्थात खिड़‌कियां किसी...

क्यूँ ही देखी भाली दुनिया

क्यूँ ही देखी भाली दुनिया है कितनी जंजाली दुनिया बेसुध सा कर के रखती है ख़ुसरो की क़व्वाली दुनिया अपना...