March 6, 2026

कविता

कंकाल हो जाना कला है…

कंकाल हो जाना कला है। जीवन की मृत्युशय्या पर लेटे इच्छामृत्यु का वरदान नहीं मिलता। “अश्वत्थामा हतो हतः” — अर्धवाक्य...

राम की बहुरिया बीमार है अवध में

हिन्दी नवगीत के प्रखर रचनाकार भाई भारतेन्दु मिश्र ने भी अपने लिए ज़िन्दगी का नेपथ्य चुन लिया। उन्हीं के एक...

मिली कैसे रविवार की छुट्टी !

कहते हैं मुग़लों के शासन-काल में भारतीय कामगारों को शुक्रवार के दिन छुट्टी दी जाती थी । बदमाश अँगरेज़ों ने...