आज़ादी
कैसे मिली थी हमें आज़ादी, ज़िन्दगी में आई थी आधी राति। कितने खून बहा ले गई, क्रांतिवीरों के खून से,...
कैसे मिली थी हमें आज़ादी, ज़िन्दगी में आई थी आधी राति। कितने खून बहा ले गई, क्रांतिवीरों के खून से,...
भूख के मनोविज्ञान का एक जरूरी पाठ है भात बाऊग , ब्यासी ,निराई , गुड़ाई से लेकर क्वाँर की प्रखर...
ग़ज़ल - रमेश कँवल 'जिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं' वो रह रह के अब याद आने लगे हैं मेरी...
क्या अदा है छुप-छुपाकर देखते हैं, वो हमें नजरें बचाकर देखते हैं। किस कदर कातिल अदा अंदाज देखो, वो मुझे...
इस दुनिया में मोटे तौर पर दो तरह के लोग होते हैं एक वो जो इस्तेमाल करना जानते हैं और...
राह लंबी मंज़िल दूर सही चलने से मैं न डरूंगी ज़माने के पास उलाहनों ,तानों के सिवा कुछ भी नहीं...
1)थोपा गया हिंदुत्व! _______________________ वे समीप आते हैं और समीप आकर इस उम्मीद के साथ उद्घोष करते हैं कि मैं...
मीठे भ्रमित राहों से जकड़े हुये बाहों से दूर जल्दी भाग रहे हैं अच्छा है कि जाग रहे हैं। सच...
कहते हैं आजादी अधिकार है सबका लेकिन इसका प्रयोग करना कहाँ जानते हैं सब? जैसे आदत होती है कुछ पशुओं...
खुश अब देश है । खुशी भी दी तो स्त्रियों ने अपनी बूते , अपनी मेहनत और लगन से ।...