September 6, 2026

कविता

अपने दिल को दोनों आलम से उठा सकता हूँ मैं

अपने दिल को दोनों आलम से उठा सकता हूँ मैं क्या समझती हो कि तुमको भी भुला सकता हूँ मैं...