मन की स्लेट
औरतों के दुख बड़े अशुभ होते हैं, और उनका रोना और भी बड़ा अपशकुन। दादी शाम को घर के आँगन...
औरतों के दुख बड़े अशुभ होते हैं, और उनका रोना और भी बड़ा अपशकुन। दादी शाम को घर के आँगन...
राजेन्द्रो उपाध्यायय मेरे वे सब दोस्त कहां है अब जिनके भरोसे काटी थी कभी शिमला की बर्फीली सर्दियां जिनके साथ...
मैं एक भरोसे के साथ उन सभी लोगों की ओर देखता हूँ जिनका होना इस दौर में भरोसा बचा रहना...
समागम के मूलतत्व जीवन का ब्रहांड बनता बिगड़ता है तेरे मेरे गुरुत्वाकर्षण से जैसे गुजरता है जीवन अनेक चक्रों से...
1 ) माँ - मायके की नदी एक नदी एक नदी को पार कर मिलने जाती है एक और नदी...
यु खामोश रह कर कटता नहीं सफर तसब्बुर के अन्धेरे में यूँ भटका न कर दामन मे काटें भरी है...
शह्र में ये कौन है आया हुआ, कारवां उसका है क्यूं उजड़ा हुआ। मुझसे वो क्यूं दूर अब रहने लगा,...
पहचान प्रमाण पत्र ------------------------ हमारी रुह के राशन कार्ड हमारे व्यक्तित्व का आधारकार्ड हमारे जीवन सफर का ड्राइविंग लाइसेंस हमारी...
हाथ में हाथ हो और तुम साथ हो ख़ुशनुमा हो सुबह ख़ुशनुमा रात हो जुगनुओं की चमक से चमकती हुई...
क्रोधित प्रकृति का भयावह प्रलय जीवन संघर्ष प्रतिशोध की अग्नि मनुजता का कलंक बन भम्मी भूत कर राख बनाने आतुर...