April 4, 2025

कविता

प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर विशेष कविता

प्रेस-स्वातंत्र्य-दिवस पता नहीं अब है कि कब है ।। अरी ओ आजादी…।। अरी ओ आजादी !मेरी प्यारी आजादी !मेरी स्वप्न-प्रिये...

छत्तीसगढ़ी कविताओं में मजदूर –

छत्तीसगढ़ किसानों और मजदूरों का प्रदेश है। यहाँ के कवियों ने किसानों और मजदूरों की संवेदनाओं को महसूस किया है...

1 मई मजदूर दिवस पर मेरी एक रचना

मजदूर मुट्ठी में बंद उष्णता, सपने, एहसास लिए,खुली आंखों से देखता है कोई …..क्षितिज के उस पार। बंद आंखों से...

आज के कवि : मुझे रोको मत

(1)कवि होता हैकितना लाचार,मायूस औरनिरीह प्राणी!उसेगढ़नी होती है कविताउन्हीं बेजान शब्दों सेजिनसे लोगचीखते- चिल्लातेगदहे को बाप बनातेऔरतलवे सहलाते हैं| (2)बंधुयह...

यादों का बोझ लिए

इंतजार में पत्थरायी आँखेंछुए जाने की प्रतीक्षा मेंदो व्याकुल अधखुले होंठउँगलियों के स्पर्श को आतुरहथेलियों की सैकड़ों रेखाएँविरह की पराकाष्ठा...