October 21, 2026

कविता

एक पुरानी मेरी अपनी सबसे पसंदीदा ग़ज़ल

जज़्बात ग़ज़ल संग्रह से कौन है जो बुरा नहीं होता, शख़्स कोई ख़ुदा नहीं होता। बात कुछ तो ज़रूर होगी...

नई पीढ़ी से मेरी ये गुज़ारिश है

न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से। तमद्दुन में निखार आता है घीसू के पसीने से। कि...

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