फ़ेस है, लेकिन वह फ़ेक है
जयप्रकाश ( दरसल यह पुरुषों के बारे में है) अब प्रेम मोबाइल स्क्रीन पर उगता है, जैसे किसी पुराने खेत...
जयप्रकाश ( दरसल यह पुरुषों के बारे में है) अब प्रेम मोबाइल स्क्रीन पर उगता है, जैसे किसी पुराने खेत...
मुझे याद नहीं वर्षों की गणना मैं कब आया हूँगा तुम्हारे सौर मंडल में! पूछना धरती के सात आवारा समुद्रों...
जब दीप बुझे आना, जब दिल जले आना, वादे सारे भूलकर तुम बस चले आना,,, बेबहर से जीवन मेंं मेरे...
घाव पर मरहम लगाना चाहिए। दिल जले को क्यों जलाना चाहिए? रात का यह स्वप्न है किस काम का ।...
बेटी छोटी- बिटिया सम्भालती है घर को माँ की तरह. छोटे भाई की पोंछती है नाक झाडू-बुहारू चौका- चूल्हा आए-...
जिसके नूर से रोशन सारा आलम है उसकी खोज में डूबा हुआ हर आदम है। उसकी रहमत रोशन करती दुनिया...
उसकी आँखों में कोई मंदिर नहीं था कोई मस्जिद नहीं बस एक आग थी जो जलती थी हर उस घर...
~~~~~~~ जहां बीता था संघर्ष समूचा जहां बेआवाज़ हँसी फिसलती थी बारंबार भीतर ही भीतर सूखते थे दुःख जिन गलियों...
( आदिवासी : गीत और स्वप्न पर कुछ कविताएँ) (एक) पहाड़ की गोद में एक बहुत पुराना टूटा ढोलक पड़ा...
किसी की प्रशंसा ,किसी की जलन है दुनिया का ये तो अनोखा चलन यहाँ तन से कपड़े उतरने लगे कहाँ...