दुष्यंत कुमार की ग़ज़लों में राजनीतिक चेतना
आज पुण्यतिथि पर विशेष हिंदी साहित्य में दुष्यंत कुमार (1933–1975) का नाम एक ऐसे कवि के रूप में दर्ज है,...
आज पुण्यतिथि पर विशेष हिंदी साहित्य में दुष्यंत कुमार (1933–1975) का नाम एक ऐसे कवि के रूप में दर्ज है,...
- डुमन लाल ध्रुव भारतीय साहित्य और विशेषकर छत्तीसगढ़ी काव्य-जगत के लिए 01 जनवरी केवल नववर्ष का आरंभ नहीं तीन...
एक करीब बारह बरस पहले की शाम थी. रायपुर के भूले-भटके साहित्यिक आयोजनों से भी अमूमन अनुपस्थित रहने वाले विनोद...
रामायण हमें यह नहीं सिखाती कि जीवन केवल युद्ध के मैदान में जीता जाता है। रामायण सिखाती है कि वास्तविक...
फ़िराक़ साहब को फूलों के पौधे बहुत पसंद थे। चाहे वे किसी किस्म के हों, बस उनका ख़ुश रंग होना...
भोरमदेव के फणि नागवंशियों के अवशेष आस-पास के क्षेत्रों में बिखरे पड़े हैं। कई गांव में आज भी वृक्षों के...
फोटो प्रदर्शनी में जीवन और जगत ■ राजेश गनोदवाले इधर काफ़ी समय बाद एक फोटो प्रदर्शनी देखी। देखा और लगा...
- डुमन लाल ध्रुव भारतीय साहित्य में कुछ रचनाकार ऐसे होते हैं जिनकी उपस्थिति शोर नहीं करती पर उनकी अनुपस्थिति...
दिवाकर मुक्तिबोध, रायपुर छत्तीसगढ़ विनोद जी नहीं रहे लेकिन वे हमारी आत्मा में जीवन पर्यंत जीवित रहेंगे. दो वर्ष पूर्व...
जाकिर हुसैन अब जाकर मिले ‘असली’ वाले विनोद कुमार शुक्ल अपने छत्तीसगढ़ से प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ सम्मान के लिए वयोवृद्ध कवि-साहित्यकार...