September 6, 2026

आलेख

दुष्यंत कुमार की ग़ज़लों में राजनीतिक चेतना

आज पुण्यतिथि पर विशेष हिंदी साहित्य में दुष्यंत कुमार (1933–1975) का नाम एक ऐसे कवि के रूप में दर्ज है,...

01 जनवरी शब्द, संवेदना और आशीर्वाद का पुण्य दिवस

- डुमन लाल ध्रुव भारतीय साहित्य और विशेषकर छत्तीसगढ़ी काव्य-जगत के लिए 01 जनवरी केवल नववर्ष का आरंभ नहीं तीन...

विनोद कुमार शुक्ल के जीवन-मूल्य उनकी कला में प्रतिबिंबित होते थे…

एक करीब बारह बरस पहले की शाम थी. रायपुर के भूले-भटके साहित्यिक आयोजनों से भी अमूमन अनुपस्थित रहने वाले विनोद...

रजपुरा के पुरावशेष : भोरमदेव क्षेत्र

भोरमदेव के फणि नागवंशियों के अवशेष आस-पास के क्षेत्रों में बिखरे पड़े हैं। कई गांव में आज भी वृक्षों के...

सादगी, करुणा और कविता का अविनाशी स्मरण विनोद कुमार शुक्ल

- डुमन लाल ध्रुव भारतीय साहित्य में कुछ रचनाकार ऐसे होते हैं जिनकी उपस्थिति शोर नहीं करती पर उनकी अनुपस्थिति...

विनोद जी नहीं रहे लेकिन वे हमारी आत्मा में जीवन पर्यंत जीवित रहेंगे…

दिवाकर मुक्तिबोध, रायपुर छत्तीसगढ़ विनोद जी नहीं रहे लेकिन वे हमारी आत्मा में जीवन पर्यंत जीवित रहेंगे. दो वर्ष पूर्व...

इसी साल अप्रैल की बात है..सिर्फ यादें रह गईं…

जाकिर हुसैन अब जाकर मिले ‘असली’ वाले विनोद कुमार शुक्ल अपने छत्तीसगढ़ से प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ सम्मान के लिए वयोवृद्ध कवि-साहित्यकार...