September 6, 2026

आलेख

श्रीनिवास विनायक कुलकर्णी (‘श्रीवि’) : मराठी के अत्यंत संवेदनशील ललित लेखक, कवि, कथाकार तथा संपादक के रूप में प्रतिष्ठित रहे

श्रीनिवास विनायक कुलकर्णी (‘श्रीवि’) के निधन की खबर 6 अगस्त 2026 को सामने आई। वे 92 वर्ष के थे और...

कोई भी लक्ष्य मनुष्य से बड़ा नहीं है

डॉ सच्चिदानंद जोशी प्रसिद्ध कवि कुंवर नारायण की पंक्तियां जब भी आप निराश होते हैं हताश होते हैं तो आपको...

बुद्ध ने ढाई हजार साल पहले वही बात कह दी थी…

बुद्ध ने ढाई हजार साल पहले वही बात कह दी थी, जिसे आज न्यूरोसाइंस धीरे-धीरे समझ रही है! हार्वर्ड की...

सनातन परंपरा प्रथम भाग

प्रस्तावना आधुनिकता आज की नई पीढ़ी में सामाजिक-मरीचिका जैसी भ्रामकता बनती जा रही है। जबकि सनातन शदियों से, भारतीय धर्म-चिंतन...

इट हैपंस इन इंडिया: जीवन की नश्वरता का खेल

- सच्चिदानंद जोशी जब भी वाराणसी जाना होता है, फिर चाहे वो एक दिन के लिए ही क्यों न हो...

स्‍मृतिशेष : हिन्‍दी-जीवनव्रती पद्मश्री कैलाशचन्‍द्र पंत

विजयदत्‍त श्रीधर हिन्‍दी-जीवनव्रती श्री कैलाशचन्‍द्र पंत अब हमारे बीच नहीं हैं। 31 जुलाई, 2026 को वे ब्रह्मलीन हुए। दादा के...

हिंदी साहित्य के सूर्य मुंशी प्रेमचंद

31 जुलाई को भारतीय साहित्य के इतिहास में एक विशेष स्थान प्राप्त है। आज ही के दिन ‘उपन्यास सम्राट’ और...

सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चिंतन से प्रसूत कृति – रात जागा पाखी उवाच

जीवन का सांध्यकाल प्रायः एकाकीपन का समय होता है। जहाॅं मन अतीत के सागर में डुबकियाॅं लगाते रहता है। अतीत...