April 24, 2026

आलेख

वरिष्ठ कथाकार आशा प्रभात का नया उपन्यास उर्मिला (राजकमल प्रकाशन) पढ़ गई. क्या कहूँ …

बस मुग्ध हूँ, नम हैं आँखें… लेखन पर मुग्ध और उर्मिला की पीड़ा के सटीक बयान पर नम हैं आँखें....

दान पुन के तिहार हे छेरछेरा

डॉ सुधीर शर्मा छेरछेरा छत्तीसगढ़ का लोक तिहार है। यह लोक को धर्म, अध्यात्म, इतिहास और संस्कृति से जोड़ता है।...

अब जब मेरा होना नकार चुकी हो तुम

तुम जल्दी ही सबके सम्मुख अपनी अपूर्ण संपूर्णता में उपस्थित होंगी। सबकी शुभकामनाओं के लिए, प्रेम, अपनत्व और आलोचनाओं के...

मनरेगा अंतर्गत छत्तीसगढ़िया सांस्कृतिक जागरूकता ,लोक पर्व छेर-छेरा एवं पुन्नी मना रहे हैं श्रमिक

मनरेगा कार्य समुदाय के लिए परती भूमि का विकास कार्य में संलग्न मनरेगा मजदूरों के द्वारा छेरिक-छेरा पर्व मनाया गया,...

संदेशो इतना कहियो जाय : सुभदा मिश्र

वरिष्ठ कथाकार शुभदा मिश्र का कहानी संग्रह 'संदेशो इतना कहियो जाय' में 1978 से लेकर 2014 तक की दीर्घ अंतराल...

धर्मयुग से मिला हिंदी का ज्ञान’:डॉ उषा ठक्कर

हरीश पाठक भारती जी से सीखा पत्रकारिता का अक्षर ज्ञान':विश्वनाथ सचदेव धर्मवीर भारती हिंदी साहित्य और पत्रकारिता का वह इतिहास...

शालिनी / वेब समाचारः पारंपरिक परिभाषाओं से आगे

वेब समाचार आखिर पारंपरिक मीडिया के समाचारों से कैसे अलग है. इसमें ऐसा क्या विशिष्ट है जो इसे टीवी, रेडियो...

‘हिंदी नवजागरण: कल, आज और कल’

'हिंदी नवजागरण: कल, आज और कल' शीर्षक से प्रकाशित इस पुस्तक का प्रकाशन, एक रूपांतरकारी प्रयास की तरह हमारे सामने...

राहुल सांकृत्यायन / यात्रा वृतांत – आगरा यात्रा (4) लाल किला : वर्तमान में अतीत

भारतीय और समकालीन विश्व के चौदहवीं शताब्दी और उसके बाद के लगभग 300 साल तब तक अधूरे हैं जब तक...