March 7, 2026

आलेख

बिलहरी-बिरसा(बिरखा) का पुरातत्व

फणिनागवंशियो के पुरातात्विक अवशेष मुख्यतः मैकल पर्वत श्रेणी के समानांतर मिलते हैं। यदि भोरमदेव को केंद्र माना जाए तो उत्तर...

राजाबेंदा का पुरातत्व

भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंशी कालीन अवशेष बिखरे पड़े हैं। ये अवशेष मुख्यतः मैकल पर्वत श्रेणी के समानांतर दक्षिण में सहसपुर,...

नैनागिरि में तीर्थंकर पार्श्वनाथ का समवसरण

-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर यह बहुत महत्वपूर्ण व गौरव की बात है कि पूरे बुन्देलखण्ड में एक ऐसा भी...

पहचान : पहचान का द्वंद्व और संकट

आदमी की पहचान क्या है? उसकी जाति? मज़हब? पद, प्रतिष्ठा, या काबिलियत? आदमी इन द्वंद्वों में जीता रहा है। सामंती...

शुक्रिया इमरान साहब : परिवेश से बाख़बर कहानियां

चर्चित युवा कथाकार इंदिरा दांगी की कहानी संग्रह 'शुक्रिया इमरान साहब' में कथानक के कई रंग हैं।अवश्य इसमें युवा वर्ग...

अब तेजी से बढ़ रही है छत्तीसगढ़ी और आदिवासी व्यंजनों की लोकप्रियता

छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ी और आदिवासी व्यंजनों की लोकप्रियता अब तेजी से बढ़ रही है। 3 दिसंबर को नई दिल्ली के...

कैसी होती हैं आदिवासी नारियां?

आदिवासी स्त्रियों में अनेकों विशेषताएं और गुण पाए जाते हैं। वे वीर, साहसी संघर्षशील, कठिन परिश्रमी, जुझारू, दयालु, ममता व...

रिपोर्ताज : छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस – 2021

छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर मा 28 नवम्बर 2021 के छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग, रायपुर अउ संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्व, छत्तीसगढ़...