September 6, 2026

आलेख

“धर्मयुग के जमाने से पढ़ता आ रहा हूं संतोष श्रीवास्तव की कहानियाँ” लक्ष्मी शंकर वाजपेयी

सर्वप्रिय प्रकाशन एवं छत्तीसगढ़ मित्र के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 28 दिसंबर शाम 4:00 बजे वरिष्ठ लेखिका संतोष श्रीवास्तव के...

साहित्य के स्टीफन हॉकिंग्स -“रजत कृष्ण”

किसी कवि ने क्या खूब लिखा है कि- "पंक्षी अगर तुम्हें है अपने पंखों पर विश्वास। तो तुझको न डिगा...

नार्वे में क्रिसमस पर अटल, मालवीय और भारती याद किये गये

26 दिसंबर को शाम को ओस्लो से डिजिटल मंच पर क्रिसमस पर आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मलेन में मदन मोहन मालवीय,...

बिलहरी-बिरसा(बिरखा) का पुरातत्व

फणिनागवंशियो के पुरातात्विक अवशेष मुख्यतः मैकल पर्वत श्रेणी के समानांतर मिलते हैं। यदि भोरमदेव को केंद्र माना जाए तो उत्तर...

राजाबेंदा का पुरातत्व

भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंशी कालीन अवशेष बिखरे पड़े हैं। ये अवशेष मुख्यतः मैकल पर्वत श्रेणी के समानांतर दक्षिण में सहसपुर,...

नैनागिरि में तीर्थंकर पार्श्वनाथ का समवसरण

-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर यह बहुत महत्वपूर्ण व गौरव की बात है कि पूरे बुन्देलखण्ड में एक ऐसा भी...