चींटियों की वापसी : अस्मिता और शोषणतंत्र
युवा उपन्यासकार किशन लाल छत्तीसगढ़ के कथा जगत में एक उभरता हुआ नाम है।वे एक नए भावभूमि और दृष्टि के...
युवा उपन्यासकार किशन लाल छत्तीसगढ़ के कथा जगत में एक उभरता हुआ नाम है।वे एक नए भावभूमि और दृष्टि के...
25 अक्टूबर 2021 को दाऊ रामचंद्र देशमुख जी की 105 वीं जयन्ती पर सेमिनार हॉल, मानव विज्ञान विभाग, पं. रविशंकर...
"बेटा सुनील, मैंने पूरे जीवन की कमाई नेहा की पढ़ाई में लगा दी, मेरे पास दहेज में देने के लिए...
भारतीय संस्कृति अध्यात्म प्रधान संस्कृति है। भारत की मिट्टी के कण कण में उत्सवधर्मिता की प्रतिध्वनियां हैं, जिनसे राष्ट्रीय एकता,...
वह अंडमान की यात्रा थी। अंडमान की खूबसूरती के बारे में तो जितना भी कहा जाए कम है। उस पर...
छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य के नांव म आज जतका भी किताब, शोध ग्रंथ या आलेख उपलब्ध हे, सबो म कातिक महीना...
एक पत्र बेटे के लिए परमप्रिय_शौर्यमन, संचार क्रांति के इस दौर में पत्रों का अस्तित्व भले ही समाप्त हो गया...
'रंगभूमि' प्रेमचन्द का महत्वपूर्ण उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1925 मे हुआ था; और यह तत्कालीन समय के राजनीतिक, सामाजिक यथार्थ...
सुशांत सुप्रिय कैसा समय है यह / जब भेड़ियों ने हथिया ली हैं / सारी मशालें / और हम निहत्थे...
मेरे हिस्से के डा.बलदेव ***************** डाँ. देवधर महंत सुरभि स्वत : स्वयमेव विकीर्ण हो जाती है ,उसे किसी विज्ञापन या...