October 22, 2026

Chhattisgarh Mitra

प्रकृति-सौंदर्य के कुशल चितेरे, छायावाद के प्रमुख स्तंभ कवि सुमित्रानंदन पंत की जयंती पर

कुछ अरुण-दोहे : पतझर जैसा हो गया, जब ऋतुराज वसंत।अरुण! भला कैसे बने, अब कवि कोई पंत।। वृक्ष कटे छाया...

फ़लस्तीनी पहचान और महात्मा गाँधी

मैं सलमान रूश्दी की किताब 'इमेजनरी होमलैंड्स' में एडवर्ड सईद से उनकी एक बातचीत पढ़ रहा था। सलमान इस्लाम के...

श्रीप्रकाश शुक्ल की ‘हजारीप्रसाद द्विवेदी : एक जागतिक आचार्य’ पुस्तक का प्रकाशन

हिंदी भाषा और साहित्य के पठन-पाठन एवं शोध के क्षेत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ऐतिहासिक भूमिका...

नवगीत -शब्दों के व्यापारी

कविता में भी घुसे हुए हैंशब्दों के व्यापारीचला रहे हैं खाल ओढ़करअपनी दुकानदारी संपादक हैं ,आयोजक हैंइनमें हैं कुछ नेताढूँढा...

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