July 23, 2026

Chhattisgarh Mitra

आज के कवि : मुझे रोको मत

(1)कवि होता हैकितना लाचार,मायूस औरनिरीह प्राणी!उसेगढ़नी होती है कविताउन्हीं बेजान शब्दों सेजिनसे लोगचीखते- चिल्लातेगदहे को बाप बनातेऔरतलवे सहलाते हैं| (2)बंधुयह...

यादों का बोझ लिए

इंतजार में पत्थरायी आँखेंछुए जाने की प्रतीक्षा मेंदो व्याकुल अधखुले होंठउँगलियों के स्पर्श को आतुरहथेलियों की सैकड़ों रेखाएँविरह की पराकाष्ठा...

वेलिडिटी उर्फ़ बिना रिचार्ज तुम जिंदगी में जारी नहीं रह पाओगे…

शीलकांत पाठक मैं अच्छा खासा स्वस्थ था और शहर के बड़े-बड़े बहुप्रचारित सुपर स्पेश्यलिटी हास्पिटलों के विज्ञापनों की ओर से...

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