April 4, 2025

समीक्षा

समीक्षा : आदरणीया भाभी जी शिरोमणी माथुर की बहुआयामी कृति अर्पण की

समीक्षक : किशोर " संगदिल-परबुधिया " हस्ताक्षर साहित्य समिति, दल्ली राजहरा. यूं तो किसी भी रचना की समीक्षा करना चाहे...

साइना सिनेमा की सार्थकता के नये आयाम

"साइना " - समीक्षा हमारे देश में फौजियों और खिलाड़ियों का अभिनय करने वालों की पूछ परख फौजियों और खिलाड़ियों...

कार्यस्थल में यौन उत्पीड़न की घटनाएं सभ्य समाज के लिए कलंक, स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में वेबिनार

कार्य स्थल पर कामकाजी महिलाओं की स्थिति और यौन उत्पीडन की घटनाएं आज भी सभ्य समाज में जारी है और...

श्रीप्रकाश शुक्ल की ‘हजारीप्रसाद द्विवेदी : एक जागतिक आचार्य’ पुस्तक का प्रकाशन

हिंदी भाषा और साहित्य के पठन-पाठन एवं शोध के क्षेत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ऐतिहासिक भूमिका...

समीक्षा : मुस्कान के साथ सोचने को विवश करती “ये दुनिया वाले पूछेंगे”

सर्वप्रथम “ये दुनिया वाले पूछेंगे” व्यंग्य संग्रह हेतु डॉ. प्रदीप उपाध्यायजी को बहुत-बहुत बधाई, शुभकामनाएँ. इस पुस्तक का प्रकाशन सर्वप्रिय...

फ़िल्म बाज़ार : सागर सरहदी (1982)

सामंती जीवन मूल्यों में स्त्री की स्थिति अजीब रहती रही। एक तरफ जहां उसकी स्वतंत्र अस्मिता को स्वीकार ही नही...

कवि लेखक रवि तिवारी के दो सामयिक चिंतन

सबक कोरोना ने भारत सहित पूरी दुनिया को यह सिखला दिया है कि सभी देशों में मेडिकल व्यवस्था को बहुत...