समीक्षा : नव प्रकाशित काव्य संग्रह “शिलाएं मुस्काती हैं “
काव्य संग्रह का नाम : शिलाएं मुस्काती हैं लेखिका : यामिनी नयन गुप्ता पब्लिशर : प्रखरगूंज पब्लिकेशन मूल्य : 195/...
काव्य संग्रह का नाम : शिलाएं मुस्काती हैं लेखिका : यामिनी नयन गुप्ता पब्लिशर : प्रखरगूंज पब्लिकेशन मूल्य : 195/...
पिछले तीस जून को मुक्तिबोध साहित्यिक मंच, इलाहाबाद ने वरिष्ठ आलोचक विजय बहादुर सिंह की अभी हाल ही में प्रकाशित...
संतोष श्रीवास्तव की कतिपय लघु कथाओं से साक्षात्कार समाजशास्त्र के कई पन्नों को दृश्यात्मक बनाता है। कहीं मामूली सा जीवन...
कोरोना काल में पढ़ी गई कुछ किताबें जो भीतर मंथन पैदा करती है उनमें फ़िनलैण्ड की कवयित्री मैर्ता तिक्कानेन की...
समीक्षक : किशोर " संगदिल-परबुधिया " हस्ताक्षर साहित्य समिति, दल्ली राजहरा. यूं तो किसी भी रचना की समीक्षा करना चाहे...
"साइना " - समीक्षा हमारे देश में फौजियों और खिलाड़ियों का अभिनय करने वालों की पूछ परख फौजियों और खिलाड़ियों...
प्रेम के विदरूप सच को उजागर करती :हवेली 'हवेली' लता तेजेश्वर का पहला उपन्यास है। छब्बीस अनुच्छेदों से विभक्त उपन्यास...
कार्य स्थल पर कामकाजी महिलाओं की स्थिति और यौन उत्पीडन की घटनाएं आज भी सभ्य समाज में जारी है और...
हिंदी भाषा और साहित्य के पठन-पाठन एवं शोध के क्षेत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ऐतिहासिक भूमिका...
सर्वप्रथम “ये दुनिया वाले पूछेंगे” व्यंग्य संग्रह हेतु डॉ. प्रदीप उपाध्यायजी को बहुत-बहुत बधाई, शुभकामनाएँ. इस पुस्तक का प्रकाशन सर्वप्रिय...