बड़ी-सी कविता : छोटी-सी कथा
कवि के भीतर एकाएक कुछ सुगबुगाया। वह कविता जैसा कुछ-कुछ था, जो अभी पूरी तरह आकार नहीं ले पाया था।...
कवि के भीतर एकाएक कुछ सुगबुगाया। वह कविता जैसा कुछ-कुछ था, जो अभी पूरी तरह आकार नहीं ले पाया था।...
ग़ज़ल बड़े बड़ों को ये शायद पता नहीं होता किसी को मार के कोई बड़ा नहीं होता ---------- पुकारो दिल...
नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़: सरेंडर, सियासत और विकास की असली परीक्षा अब शुरू ---------------------- - सरेंडर के बाद भी माओवादी विचारधारा जिंदा...
आज विश्व रंगमंच दिवस है. जेहन में एक बार फिर चंदैनी-गोंदा की स्मृतियाँ ताजा हो गईं। सत्तर के दशक की...
हमें साथ-साथ शोधित होना था हमें साथ- साथ क्रोधित होना था लेकिन तुम गृहस्थी में मारी गयी और मैं नौकरी...
महासमुंद जिले के सिरपुर से लगभग पंद्रह किलोमीटर आगे घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच सिंहाधुर्वा पहाड़ी स्थित है। इस...
- डुमन लाल ध्रुव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक परंपरा में अनेक कवि और गीतकार हुए हैं जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम...
**** लगभग 49 साल पहले के आरंग की हिन्दी और छत्तीसगढ़ी कविताएँ *** (आलेख स्वराज करुण ) *** छत्तीसगढ़ में...
(आलेख स्वराज करुण ) छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य के लिए सुशील यदु भी आजीवन समर्पित रहे। उन्होंने अपने साहित्यिक मित्रों...
साहिर लुधियानवी की एक प्रसिद्ध रचना है कि मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मेरी कहानी...