July 24, 2026

साहित्य

अप्रकाशित, अनूदित रूसी कहानी – दुख

मूल लेखक : अन्तोन चेखव अनुवाद : सुशांत सुप्रिय " मैं अपना दुखड़ा किसे सुनाऊँ ? " शाम के धुँधलके...

ज़िंदगी के ‘अंतिम पड़ाव’ पर-सड़क से खाना बटोरती अपने ज़माने की मशहूर डांसर

मनोहर महिजन आज हम आपको एक ऐसी हस्ती के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपने जीवन में खूब...

हिंदी काव्य में छायावाद के प्रणेता – मुकुटधर पांडेय

हिंदी काव्य में छायावाद के प्रणेता माने जाने वाले मुकुटधर पांडेय की आज जयंती है । 30 सितम्बर 1895 को...