आदमी के भीतर का देश खोजती कविताएँ
शहंशाह आलम कविता ख़ुद के अंदर कोई मिलावट नहीं चाहती। कविता के साथ मिलावट का काम हम जब भी करते...
शहंशाह आलम कविता ख़ुद के अंदर कोई मिलावट नहीं चाहती। कविता के साथ मिलावट का काम हम जब भी करते...
डॉ . बाबासाहेब आंबेडकर का भारत के विकास में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है । वे एक अर्थशास्त्री ,...
…..यह एक पंक्ति मुझे हमेशा ही प्रेरित करती आई है । आज एक अरसे बाद कलम उठाई है तो सोचती...
बैसाख की गर्म रातों मेंआसमान के चँदोवा नीचेपंखा झलती, कहानी सुनातीनानी अक्सर सो जातीं छूट जाता कहानी का सिराबच्चे नानी...
घोटूल , चापड़ा चींटी , चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा , सल्फी , लांदा , चार , तेंदू , महुआ ,...
बूंद बूंद हूं मैं एक खारी,छलकी..हो चक्षु से भारी, बहकी बन सुख- दुख की मारी,बूंद हूं मैं एक खारी..। मन,...
" चंदैनी गोंदा " की सुरभि यात्रा मिडिल स्कूल झरना में हमें भूगोल पढाते हुए गोपाल श्रीवास गुरूजी ने बताया...
सोनहा बिहान पा लगी करपालिस जहर तोलाबिन स्वारथ,धरती माताचांटी औ हाथी सबोला पालत हे,मानव परजादा मोहित होकेदुखि यारी हो,पुकारत हेदुख...
(१) सुनोगे कैसे मौत का क्रंदनतुम तो उत्सवधर्मी होयथा देश के तथा वेशधरवक्ती सेवाकर्मी होलोक अगर खुद नशा चुने तोक्यों...
आईनाएक चिड़िया ,रोज आईने के सामने ,,अपने हमशक्ल को देखकर,,घायल कर देती है ,चोंच मार-मार कर,,उसको अपना ,दुश्मन समझ कर...