October 22, 2026

साहित्य

पत्रकारिता और साहित्य मनुष्य के जीवन का रक्षा कवच है – कर

छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के पुरोधा पं स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी की जयंती पर प्रेस क्लब रायपुर और छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति...

गहरे भावबोध और करुणा के कवि : आशीष त्रिपाठी

मेरे नए कविता संग्रह 'शांतिपर्व' पर यह गंभीर और सुचिंतित टिप्पणी युवा अध्येता श्री अमित प्रभाकर Amit Prabhakar ने अपनी...

गुरुद्वारा श्री पत्थर साहिब

संदर्भ लेह-लद्दाख प्रवास हमने यहाँ मौन आध्यात्मिकता को अपने अंतर्मन में उतरते अनुभव किया। मेरे साथ चल रहे मित्र गिरीश...

लोकपर्व, लोकचित्र, लोककथा…

हमारी संस्कृति में जितनी विशिष्टताएँ मिलती हैं उतनी शायद ही अन्यत्र किसी संस्कृति में मिलती हों। हम पंचतत्वों के साथ...

मिर्ज़ा मसूद : उनकी आवाज ही उनकी पहचान थी

गिरीश पंकज मिर्ज़ा मसूद जी की काया 20 जुलाई को रायपुर में सुपुर्द-ए-खाक हो गई. 19 जुलाई को उनका इंतकाल...

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