March 8, 2026

साहित्य

बस्तर पर मेरी एक कविता

विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएँ केश तुम्हारे घुंघराले, ज्यों केशकाल की घाटी देह तुम्हारी ऐसे महके, ज्यों बस्तर की माटी....

एक जीते कवि की काव्य परम्परा का बयान…

आज आनंद बक्षी का जन्मदिन है । मेरे कवि मित्र नासिर अहमद सिकंदर ने जितना केदारनाथ अग्रवाल और अन्य कवियों...

आलोचक का स्वदेश : नंददुलारे वाजपेयी की जीवनी

हिंदी आलोचना में आचार्य नंददुलारे वाजपेयी ( 1906-1967)का स्थान आचार्य रामचन्द्र के बाद की पीढ़ी में आता है। वे काशी...

व्योमकेश दरवेश: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का पुण्य स्मरण

हजारी प्रसाद द्विवेदी जी जितने लोकप्रिय उपन्यासकार हैं, उतने ही लोकप्रिय निबंधकार और आलोचक।आचार्य रामचंद्र शुक्ल के बाद के आलोचकों...

अपनी धरती अपने लोग: एक जुझारू आलोचक की आत्मकथा

डॉ रामविलास शर्मा हिंदी के श्रेष्ठ आलोचकों में हैं। उनके लेखन की विविधता और विपुलता को देखकर सहसा विश्वास नहीं...