जब मैंने देखा धुआँधार
कोई फकीर , बन राहगीर, नर्मदा तीर, हिम सा शरीर, वह परम वीर, भू चला चीर, गर्जन अधीर, कहता समीर...
कोई फकीर , बन राहगीर, नर्मदा तीर, हिम सा शरीर, वह परम वीर, भू चला चीर, गर्जन अधीर, कहता समीर...
कुछ दिन पूर्व कॉलोनी के मुख्य गेट पर विजित शर्मा के नाम का एक बड़ा सा सचित्र बैनर लगा था।...
मनीषा- "देवर जी, आपने कभी भी अपने बड़े भाई से दुकान का किराया नहीं मांगा था, लेकिन शादी के बाद...
अंग्रेजों ने व्यापार करने के बहाने भारत की पुण्य धरा पर कदम रखे और अपने पैर पसारते गये। देश गुलाम...
स्वाधीनता की इच्छा मनुष्य की स्वाभाविक जीवनी शक्ति है। प्रत्येक समाज और राष्ट्र की अस्मिता स्वाधीनता बोध पर टिकी होती...
कहा जाता है कि मातृत्व एक खूबसूरत एहसास है,बच्चे की तोतली जुबान से पहली बार माँ शब्द सुनना, किसी भी...
प्रस्तुति : लायन विजय गुप्ता, पूर्व रीजन चेयरमैन **********//********** खेल जीवन में हर घर से शुरू होकर शाला, महाविद्यालय, जिले...
२२ २२ २२ २२ २२ २२ २२ २ जिस पर मेरा पूरा हक़ था मेरा अपना कोना था ये मालूम...
अंबर में जब बदली छायी,याद तुम्हारी आई। टप -टप टपके सावन छत से, गीत सुना ना पाई। घूम रहे आँगन...
सामंती जीवन मूल्यों में स्त्री की स्थिति द्वितीयक रही है।वहाँ स्त्रियों के अस्तित्व को सहज नहीं लिया जाता रहा।ऐसा समाज...