औघड़ दानी
शिव मेरे!! माना तुम हो औघड़ दानी मैं भी गंग धार नही न धरो मुझे सिर माथे सिरमौर बना न...
शिव मेरे!! माना तुम हो औघड़ दानी मैं भी गंग धार नही न धरो मुझे सिर माथे सिरमौर बना न...
रंगों और रिश्तों के मोहबंध हर रिश्ते के अलग अलग रंग! ताज़ा रंगी हवा में टंगी.. लहराती-फहराती सी ओढ़नियों के...
छन-छन करती घर आँगन में, शाम सुबह दिन रात! सुनो तो! पायलिया करती है क्या बात। बाबुल के घर कदम...
कहा था उसने कि पूरे वो ख़्वाब कर देगा, सफ़र में काँटे मिले तो गुलाब कर देगा । उसे पता...
उसकी आस इस तरह पलकों पे उतरती है जैसे तप्त दोपहरी के बाद अंबर से हौले-हौले साँझ उतरती है ...और...
नवा बछर के नवा बिहनिया हो....... नवा सुरुज अब आ गे। आवव संगी जुरमिल चलबो, अँधियारी हा भगा गे।। नवा...
वन उपवन खोते गए, जब से हुआ विकास । सच पूछें तो हो गया, जीवन कारावास ।। पवन विषैली आज...
इस दहशतगर्द मौसम में कुत्ते भौंकते तो है जबकि आदमी सभ्यता का लबादा ओढकर दडबे में हो जाता है कैद...
रात, कुत्ते रो रहे थे, पता नहीं अशगुन होने वाला था हमारे लिए या वे हमारे किए अशगुन पर रो...
ऐसा बहुत कुछ है जो जीवन में मैने नही किया लेकिन ऐसा भी कुछ है जो सिर्फ मैने किया। नही...