March 6, 2026

आलेख

उवत सुरुज के अगोरा (लघु उपन्यास, भाषा – छत्तीसगढ़ी)

लेखक - डॉ. विनोद कुमार वर्मा, सुप्रसिद्ध व्याकरणाचार्य व कहानीकार, बिलासपुर पाठकीय प्रतिक्रिया - कुबेर उवत सुरुज के अगोरा सुप्रसिद्ध...

म्हैं तौ छोडूँ पण कांबल नीं छोड़ै

एक बार दो मित्र चाँदनी रात में नदी के किनारे घूम रहे थे। एक मित्र को अचानक पानी के बहाव...

“चुड़ैल” शब्द की असली कहानी : भाषा-विज्ञान की नज़र से

डॉ. मेनका त्रिपाठी मेरे मोबाइल में लिखा हुआ आ रहा है क्या सोच रही होतो अभी मैं चाय पी रही...

अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

इस अवसर पर पढ़िए अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार- 2025 विजेता बानू मुश्ताक की कहानी 'कफ़न' का मेरा अनुवाद. यह अनुवाद नया...