मोपासा को पढ़ते हुए
अभी मोपासा को पढने का अवसर मिला है. गाय-दी-मोपासा फ्रेंच कथाकार हैं और वे निर्विवाद रूप से फ़्रांस के महान...
अभी मोपासा को पढने का अवसर मिला है. गाय-दी-मोपासा फ्रेंच कथाकार हैं और वे निर्विवाद रूप से फ़्रांस के महान...
लेखक - डॉ. विनोद कुमार वर्मा, सुप्रसिद्ध व्याकरणाचार्य व कहानीकार, बिलासपुर पाठकीय प्रतिक्रिया - कुबेर उवत सुरुज के अगोरा सुप्रसिद्ध...
“ ख्वाब सा कुछ “ उपन्यास लेखक – संजय मनहरण सिंह लोकभारती प्रकाशन – २०२४ ( प्रथम संस्करण ) ---------------------------------------------------------------------------------------------------------...
आइसलैंडिक भाषा में एक कहावत है : “हर किसी के पेट में एक किताब होती है।” यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही...
(आज की लघुकथा) मसला थोड़ा टेढ़ा था। फूँक-फूँककर बढ़ना था। ख्याति नाम सम्मान भी उसमें जुड़ना था। धन, साधन, और...
एक बार दो मित्र चाँदनी रात में नदी के किनारे घूम रहे थे। एक मित्र को अचानक पानी के बहाव...
17 अप्रैल लखनऊ हम मेहमान नवाज़ लोग हैं मेहमान नवाज़ी हमारे खून में है... इस एक लाइन ने न जाने...
डॉ. मेनका त्रिपाठी मेरे मोबाइल में लिखा हुआ आ रहा है क्या सोच रही होतो अभी मैं चाय पी रही...
इस अवसर पर पढ़िए अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार- 2025 विजेता बानू मुश्ताक की कहानी 'कफ़न' का मेरा अनुवाद. यह अनुवाद नया...
रंग में डूबे हुए शब्द - दिवाकर मुक्तिबोध आज उनकी न तो जयंती है और न ही पुण्य तिथि पर...