March 6, 2026

आलेख

आजादी के पहले सिने-जगत में …

आजादी के पहले सिने-जगत में पदार्पण कर जिन कुछ कलाकारों ने शोहरत पाई उनमें अशोक कुमार, पृथ्वीराज कपूर, कुंदनलाल सहगल,...

आदमियों के जंगल में सांप की मौत

(हास्य व्यंग्य) -सुरेश सौरभ सांपों के जंगल में एक सभा चल रही थी। एक सांपिन फूट-फूट कर रोए जा रही...

काश मैं किसी कंपनी का निदेशक (कार्मिक) होता!

डॉ. शैलेश शुक्ला आशियाना, लखनऊ, उत्तर प्रदेश PoetShaielsh@gmail.com, 8759411563 कहते हैं कि इंसान की असली काबिलियत तब नजर आती है...

डॉ. विजय कुमार गुप्ता के छंद कथा समय यथा लोकार्पण समारोह संपन्न

डा विजय गुप्ता मुन्ना के छठवें काव्य संग्रह का लोकार्पण कार्यक्रम 29 जून को ज्येष्ठ नागरिक संघ के भवन आशीर्वाद...

मेरे दूसरे कविता संग्रह सामने से मेरे पर श्याम अंकुरम की आलोचकीय टिप्पणी

(वर्तमान के सच से मुखातिब कवि चंद्रेश्वर) चन्द्रेश्वर का कविता संग्रह 'सामने से मेरे' हमारे समक्ष है। चंद्रेश्वर सरल-सीधे देखने...

आंखी के काजर आंसू मा जरगे…….. लिखनेवाले

स्मृतिशेष मधु धांधी के सृजन माधुर्य का अभिनंदन ( 21 जून 1951- 3 अप्रैल 1977 ) फेर परगे संगी अकाल...

“छत्तीसगढ़ मा “खुमान संगीत” के जन्मदाता खुमानलाल साव जी के पुण्यतिथि मा छन्द के छ परिवार के काव्यांजलि समर्पित हे” –

(1) मत्त सवैया - मँय छत्तीसगढ़ के बेटा अंव मोर रग-रग मा संगीत बसे, मँय हरमुनियम के लहरा अंव मँय...

“छत्तीसगढ़ की सरकार, खुमान-संगीत को उसी तरह से स्थापित करने की पहल करे जैसे कि बंगाल में रवींद्र-संगीत को स्थापित किया गया”

"खुमान-संगीत" यह शीर्षक ठीक वैसा ही है जैसे रवींद्र-संगीत। यह बात और है कि बंगाल ने रवींद्र-संगीत को मान्यता प्रदान...