April 24, 2026

आलेख

प्रसिद्ध कथाकार धीरेंद्र अस्थाना ने यह टिप्पणी लिखी है

मुम्बई में सीमा कपूर द्वारा लिखित "यूं गुजरी है अब तक" इस आत्मकथा की किताब पर हुए आयोजन की अध्यक्षता...

भावों का द्वारपाल : अर्थांतर का यात्री

{मैं अनुवाद हूँ — शब्दों का वह मनुष्य, जो आत्मा को भाषा प्रदान करता है; जहाँ हर शब्द की चौखट...

पुस्तक समीक्षा- जीने के लिए ज़मीन

जीने के लिए ज़मीन ( कविता संग्रह) आत्मा रंजन आज मेरे हाथ में , अंतिका प्रकाशन से आया, काव्य संग्रह,...

प्रेरक पुरुष डॉ.शम्भूनाथ जी को विनम्र श्रद्धांजलि

डॉ.शम्भु नाथ जी ने किसी समय बातों-बातों में कहा कि बड़ा व्यक्ति वह होता है जो सामने खड़े छोटे से...

राजपूताने में कवि ही मशहूर नहीं होते थे…

राजपूताने में कवि ही मशहूर नहीं होते थे, चोर भी प्रसिद्ध होते थे। ऐसा ही एक जनप्रिय, जनवादी, प्रगतिशील और...

डॉ. श्रीप्रसाद की चुनिंदा बाल कहानियाँ

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी बालसाहित्य में विशेष बदलाव देखने को मिलता है। उस समय धीरे-धीरे बच्चों की पत्र-पत्रिकाओं में...

हिंदी पत्रकारिता के 200 साल

संपादक के विस्थापन का कठिन समय! -प्रो.संजय द्विवेदी हिंदी पत्रकारिता के 200 साल की यात्रा का उत्सव मनाते हुए हमें...