March 7, 2026

आलेख

व्योमकेश दरवेश: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का पुण्य स्मरण

हजारी प्रसाद द्विवेदी जी जितने लोकप्रिय उपन्यासकार हैं, उतने ही लोकप्रिय निबंधकार और आलोचक।आचार्य रामचंद्र शुक्ल के बाद के आलोचकों...

अपनी धरती अपने लोग: एक जुझारू आलोचक की आत्मकथा

डॉ रामविलास शर्मा हिंदी के श्रेष्ठ आलोचकों में हैं। उनके लेखन की विविधता और विपुलता को देखकर सहसा विश्वास नहीं...

तुपकी की सलामी का लोकपर्व : बस्तर का गोंचा

स्मृति की रेखाएं ~~~~~~~~ ●बस्तर:गोंचा तिहार रथयात्रा की बात करते ही जगन्नाथपुरी की बात जेहन में आ जाती है लेकिन...

सभ्यता का ‘मंकी सिंड्रोम’

’वागर्थ’ का संपादकीय जून-2023 : शंभुनाथ हर विकासशील भारतीय भाषा का अपना एक विश्व है जो ‘स्थानीय’, ‘राष्ट्रीय’ और ‘वैश्विक’...

विविधताओं के दौर में मील का पत्थर है – सुरेश चन्द्र शुक्ल का मिट्टी के देवता काव्य संग्रह

विश्व हिंदी संगठन, नई दिल्ली के द्वारा आयोजित मूर्धन्य अप्रवासी साहित्यक डॉ. सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक ' के काव्य संग्रह...

स्मरण अपने विद्या गुरू नन्दू लाल जी चोटिया का

डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा आज 8 जून को छत्तीसगढ़ के प्रिय कवि, मशहूर मंच संचालक डॉ. नन्दूलाल चोटिया जी की...

व्यवस्था के अंधेरे पक्ष का निर्मम अनावरण है डा. बलदेव की कविता ”  अंधेरे में” 

81 वीं जयंती के अवसर पर __________________________________ * डा. बलदेव होने का अर्थ * (27 मई 1942 - 06 अक्टूबर...