आज के अतीत : सहजता का सौंदर्य
भीष्म साहनी जी बीसवीं शताब्दी के हिंदी के महत्वपूर्ण कथाकार और उपन्यासकार हैं. उनकी कहानियां, उपन्यास और नाटक अपने समय...
भीष्म साहनी जी बीसवीं शताब्दी के हिंदी के महत्वपूर्ण कथाकार और उपन्यासकार हैं. उनकी कहानियां, उपन्यास और नाटक अपने समय...
मनुष्य का जीवन द्वंद्वों से घिरा होता है।इन द्वंद्वों से मुक्ति बहुधा आसान नहीं होतीं। हमारे बहुत से निर्णय परिस्थिति...
पिता का अस्तित्व ---उषा किरण,लब्धप्रतिष्ठ एवं ख्याति प्राप्त कवयित्री।पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रचनाएँ प्रकाशित।पटना, बिहार। हर दिन उबड़खाबड़ पगडंडी पर दौड़ती-...
इन दिनों तुलसीदास फिर बहुत ज्यादा चर्चा में हैं। वैसे जब वे चर्चा में नहीं रहते तब भी लोकजीवन में...
छत्तीसगढ़ के उत्तरी छोर पर स्थित सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा पर्यटन के लिहाज से अविश्वसनीय स्थान है। स्थानीय स्तर पर...
आम तौर पर किसी रचनाकार या सृजनशील व्यक्ति के बारे में जब सोचा जाता है तब यह मान लिया जाता...
रुचिर गर्ग " ओ गंगा तुम ओ गंगा बहती हो क्यूं ? " पूरा सुनिए, फिर से सुनिए,फिर फिर सुनिए।...
(पोस्ट काफी लंबी है, इच्छुक पाठक कृपया फुरसत से और इत्मीनान से पढ़िए) उद्घोषक - मूल कार्यक्रम प्रारंभ करने के...
प्रगतिशील आलोचना हमेशा अपने समय के संकटो,चुनौतियों का सामना करती रही है। स्वतंत्रता पूर्व उसने सामन्तवादी-पूंजीवादी मूल्यों के साथ-साथ साम्राज्यवाद...
साहित्य - कला- संस्कृति ♦ फोटो एवं प्रस्तुति : सिद्धेश्वर °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° "दिल का बोझ न बढ़ जाए,हम अरमान कम रखते...