April 24, 2026

आलेख

चीते का नामीबिया के चीतों को खुला पत्र!

सबसे पहले सभी जन से हाथ जोड़कर माफी! माफी! माफी! जानता हूं,पत्र देर से लिख रहा हूं। क्या करूं, टाइम...

आधे-अधूरे : पूर्णता की तलाश बेमानी है

मोहन राकेश जी का यह नाटक अपने पहले मंचन(1969) से ही चर्चित रहा है.तब से अब तक अलग-अलग निर्देशकों और...

महारानी बड़ी या शंकराचार्य ?

जीवन का पहला शतक पूरा करने से कुछ महीने पहले ही द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती अपनी इहलीला...

जीवन का विवेक ही साहित्य का विवेक है

मुक्तिबोध पुण्य तिथि पर आलोचक विनोद तिवारी मुक्तिबोध परिवार और साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के व्याख्यान समारोह में आलोचक...

सारंगढ़ का “अंग्रेज़ का मंदिर” : यहां दफ़न है छत्तीसगढ में कदम रखने वाला पहला अंग्रेज़

डाॅ परिवेश मिश्रा ---------------------- शनिवार 12 सितम्बर सन् 1778 की सुबह। उस समय सारंगढ़ में राजा विश्वनाथ सिंह जी का...

5 सितंबर : शिक्षक दिवस पर चंद बातें

35 साल तक एक विश्वविद्यालय में शिक्षक रहा हूँ। इस दौरान कई खट्टी- मीठी स्मृतियों से गुजरना पड़ा। मैं अपने...

शिक्षक दिवस पर विशेष लेख : शिक्षक और शिक्षा जीवन निर्माण का आधार

- ललित चतुर्वेदी, उप संचालक शिक्षकों पर देश के भावी कर्णधारों के जीवन को गढ़ने और उनके चरित्र निर्माण करने...

उर्दू व्यंग्य : मूल रचनाकार – मुज्तबा हुसैन

अनुवाद - अख्तर अली पुण्य तिथि पर स्मृति लेख जब जब उनकी पुण्यतिथि आती है वह बहुत याद आते हैं...

सुन रहा हूँ इस वक्त : लोक जीवन मे आस्था का स्वर

युवा कवि सतीश कुमार सिंह मुख्यतः नव गीतकार के रूप में जाने जाते रहे हैं, मगर इसके समानांतर वे कविताएं...

ऑफ द रिकॉर्ड ! (पांच) : पत्रकारिता के खतरे !!

वेदव्यास ने क्या कहा या बोला था? हमें पता नहीं.हम तो केवल उतना ही जानते है जिसे गणेश जी ने...