नहीं रहे शब्दाचार्य अरविंद कुमार
पियूष कुमार अविश्वसनीय खबर मिली है कि Arvind Kumar जी नहीं रहे। उनकी पिछली पोस्ट 15 अप्रैल की है। कुछ...
पियूष कुमार अविश्वसनीय खबर मिली है कि Arvind Kumar जी नहीं रहे। उनकी पिछली पोस्ट 15 अप्रैल की है। कुछ...
संपादक : प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा प्राचीन एवं मध्यकालीन काव्य : विकास और संवेदनाएँ शीर्षक भूमिका और संपादकीय के अंश...
श्रवण गर्ग हमारी ही जमात के एक सीनियर और किसी जमाने में साथ भी काम कर चुके पत्रकार ने हाल...
"तत्वमसि" से उच्छवसित होकर "अहम् ब्रह्मास्मि" तक की ये जीवन-यात्रा भी बड़ी अद्भुत है ।यहाँ हर युक्त का वियुक्त होना...
महावीर जयंती पर विशेष आलेख- डाॅ अभिलाषा जैन भांगरे, छिंदवाड़ाजैन धर्म के प्रवर्तक 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर की आज...
मुक्तिबोध की कविताएं गहन रूपकात्मकता में आधुनिक मनुष्य के अंतर्द्वंद्व,उसकी पीड़ा, संघर्ष को प्रकट करती हैं।उनके यहां वैचारिक अंतर्द्वंद्व अत्यधिक...
(डॉ संदीप अवस्थी, शिक्षाविद,अध्यक्ष,भारतीय विद्या अध्ययन केंद्र,राजस्थान,कई किताबो के लेखक 7737407061) एक कुशल स्टेनोग्राफर अपने साहब के बुलावे पर जाने...
जब आप आजाद महसूस करें तब घर से निकले। सिर्फ यूँ ही उपयोगी घरेलू वस्तुएँ लेने नहीं, बल्कि अपने साथ...
प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा राम कथा के वैविध्य और विस्तार को मूर्त करते जीवंत किंवदंती स्थल छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में...
शहंशाह आलम कविता ख़ुद के अंदर कोई मिलावट नहीं चाहती। कविता के साथ मिलावट का काम हम जब भी करते...