March 7, 2026

Year: 2022

सुबह-ए-बनारस और काशी करवट/करवत

जब भगवान भास्कर मीलों का सफर तय कर अंधेरों को चीरते अपने सुनहरी अरनिमा से इतराती इठलाती गंगा की लहरों...

आशा, उम्मीद और सौन्दर्य की कविताएँ: जीवन जिस धरती का

विद्वान न होने के अपने ही सुख हैं। जो विद्वान मान लिए जाते हैं वे शायद साधारण चीजों को स्वीकारने...

“मुझे दुख है कि मैं महानायक भी नहीं बना”

अमिताभ बच्चन नाम सुनते ही बरबस एक बार तथाकथित महानायक का चित्र उभर आता है । परन्तु हिन्दी जगत में...

लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की कविताएँ

मृत्यु जब मेरे सिरहाने खड़ी होगी... जब किसी दिन मृत्यु मेरे सिरहाने खड़ी होगी मुझे वास्तव में डरा रही होगी...

राजकुमार पार्श्वनाथ और तीर्थंकर पार्श्वनाथ

-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर जैन धर्म की मुख्य दो धाराएँ हैं- एक दिगम्बर जैन और दूसरे श्वेताम्बर जैन। दिगम्बर,...