October 23, 2026

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आज के कवि- अंतरा श्रीवास्तव की दो कविताएं

अधूरापन अधूरापनइंधन है जीवन कापूर्णता की परीपूर्णता तोरिक्त कर जाती हैखुलने वाले बहुआयामीअंतर्मन के अंतरिक्षों कोतभी पृथ्वी जी रही हैआधे...

कवि लेखक रवि तिवारी के दो सामयिक चिंतन

सबक कोरोना ने भारत सहित पूरी दुनिया को यह सिखला दिया है कि सभी देशों में मेडिकल व्यवस्था को बहुत...

प्रभाती मिंज की दो कविताएं

तुमसे कहना है कहना है मुझे तुमसेवो अविस्मरणीय मीठी बात।झिलमिल चाँदनी कीवो मुलाकात सारी याद।। हरी-भरी पगडण्डियों मेंहमारा इठलाते गुजरना।चाँद-सितारे...

लोकप्रिय शायर दरवेश भारती को श्रद्धांजलि के साथ, उन्हीं की दो ग़ज़लें

मौसम बदल गया है तो तू भी बदल के देख / दरवेश भारती दरवेश भारती » मौसम बदल गया है...

किशोर कुमार धनावत की कविता

"खाली हाथ" आपदा का अवसर है,फायदा छोड़ दें|सेवा के कारक बनें,अहंकार तोड़ दें|मन में प्रतिज्ञा करें,काम शुरू कीजिए|जितना भी हो...

“जब नाराज होगी प्रकृति”

समीक्षक- विभूति भूषण झा श्रीमती निमिषा सिंघल सर्वप्रथम “जब नाराज होगी प्रकृति” कविता संग्रह हेतु श्रीमती निमिषा सिंघलजी को मैं...

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